जिस राज्य में कभी किवाड़ों पर सिर्फ सांकल लगती थी अब ताले भी महफूज नहीं हैं

रुद्रप्रयाग- पिछले सत्रह सालों में उत्तराखंड की असल जरूरतें पूरी हुई हों या न हुई हों लेकिन उत्तराखंड के मिजाज में भारी बदलाव आया है। अपराध के नजरिए से शांत माना जाना वाला उत्तराखंड राज्य बनने के बाद शांत नहीं रहा। पहाड़ी जिलों में भी अपराधी प्रवृत्ति दस्तक दे चुकी है। चोरी, लूट, तस्करी, बलात्कार जैसे घिनोने दुष्कर्म जिन्हें बड़े शहरों की बीमारी माना जाता था अब देवभूमि में भी हो रहे हैं।

रुद्रप्रयाग में  नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत बेलणी में एक घर से गत रात्री को चारों ने घर के ताला तोड़ कर दो लाख से अधिक की चोरी की।बेलणी में राकेश डोभाल के घर के गेट समेत दो कमरों के ताले तोड़कर चोर घर में घुसे, तथा यहां रखी तीन सोने की अंगूठी समेत दो लाख से अधिक का सामान लेकर फरार हो गए,

चोर को यह जानकारी थी कि मकान मालिक घर में नहीं रहता है, जिससे चोरी की यह घटना अंजाम दी गई। वहीं पड़ोंसियों को रविवार को इस घटना का पता चला, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। राजस्व क्षेत्र में पड़ने वाले बेलणी के घर का राजस्व उप निरीक्षक दुर्भा सिंह रावत ने घर का मुयाना किया।

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र में रात्रि को नियमित गश्त नहीं होती, जिससे चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, कार्रवाई न होने से चोरों के हौसले बुलंद हैं। लेकिन सवाल ये है कि कभी जिस उत्तराखंड में किवाड़ों पर सिर्फ सांकले लगती थी अब वहां ताले भी महफूज नहीं हैं!  उत्तराखंड के इस बदलते मिजाज के पीछे की असल वजहों को तलाशे जाने की जरूरत है ताकि देवभूमि का आंगन वैसा ही शांत बना रहे जिसके लिए जाना जाता है।

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