श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का खाता आयकर विभाग ने किया सीज…जानिए क्यों

देहरादून- आयकर विभाग की टीडीएस विंग ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का खाता सीज कर दिया है। मेडिकल कॉलेज करीब पांच साल साल से टीडीएस का भुगतान नहीं कर रहा था, जबकि यह बकाया 3.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। बकाया राशि के भुगतान के लिए भेजे गए कई नोटिस का जवाब न देने पर टीडीएस विंग ने कॉलेज का खाता सीज कर दिया।

इसके अलावा कई अन्य कार्यालयों पर किए गए टीडीएस सर्वे भारी गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे ही एक मामले में पता चला कि खंड विकास अधिकारी कार्यालय देवाल के किसी भी कर्मचारी ने आयकर रिटर्न तक दाखिल नहीं किया। न ही कार्यालय टीडीएस जमा कर रहा है।

आयकर अधिकारी (टीडीएस) आबिद अली के मुताबिक, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के ठेकेदारों व डॉक्टरों के भुगतान पर टीडीएस गड़बड़ी पाए जाने पर खाता सीज किया गया। राशि जमा न कराने व वाजिब जवाब न देने तक खाते को बहाल नहीं किया जाएगा।

वहीं, टीडीएस सर्वे में पता चला कि खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय, कीर्तिनगर के कार्मिक एचआरए व होम लोन की फर्जी रसीदों पर आयकर छूट का लाभ ले रहे थे। इसकी बकाया राशि जमा न करने पर कार्यालय का खाता भी सीज किया जाएगा।

इसी तरह उप शिक्षाधिकारी कीर्तिनगर व अगस्त्यमुनि कार्यालय में भी टीडीएस में गड़बड़ी पाई गई। बकाया राशि जमा न करने पर यहां भी खाता सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। आयकर विभाग ने नगर पालिका गोपेश्वर व कर्णप्रयाग के कार्यालय पर किए गए सर्वे में भी टीडीएस की गड़बड़ी पकड़ी। संबंधित अधिकारियों को अविलंब बकाया राशि का भुगतान करने को कहा गया है।

बीडीओ समेत कार्यालय के किसी कार्मिक ने नहीं भरा रिटर्न

आयकर अधिकारी (टीडीएस) आबिद अली के अनुसार, खंड विकास अधिकारी देवाल समेत उनके किसी कार्मिक ने आज तक आयकर रिटर्न दाखिल ही नहीं किया। इसके अलावा कार्यालय भी टीडीएस जमा नहीं कर रहा था।

इस मामले में आयकर चोरी में भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कार्यालय के टीडीएस जमा न करने पर बकाया अवधि से लेकर अब तक 200 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसकी वसूली कार्यालय के आहरण-वितरण अधिकारी के वेतन से भी की जा सकती है। उधर, बीडीओ कार्यालय थराली में भी टीडीएस बकाया होने पर इसके शीघ्र भुगतान के निर्देश दिए गए।

पीएमजीएसवाई कार्यालय ने काटा दो फीसद टीडीएस

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के कीर्तिनगर, श्रीनगर व जखोली कार्यालय के सर्वे में पता चला कि अधिकारी डीपीआर बनाने की कंसल्टेंसी में 10 फीसद की जगह दो फीसद टीडीएस काट रहे थे। इस तरह लाखों रुपये की टीडीएस की चपत लगा दी गई है और अब इसकी वसूली के लिए विभाग ने कार्यालय का खाता सीज करने की तैयारी शुरू कर दी है।

एविएशन कंपनी ने जेब में डाला टीडीएस

आयकर विभाग को शिकायत मिली थी कि रुद्रप्रयाग में देवभूमि एविएशन कार्यालय भुगतान पर टीडीएस तो काट रहा है, मगर उसे जमा नहीं करा रहा। इस पर एविएशन कार्यालय में भी सर्वे की कार्रवाई की गई। गड़बड़ी पाए जाने पर विभाग ने कंपनी के खाते को सीज करने की तैयारी शुरू कर दी है।

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