शर्मनाक : बेटा चला रहा स्मैक धंधा और मां मोबाइल की दुकान…जानिए कहां

आजकल के युवा इस कदर नशे की चपेट में आ गए हैं कि उन्हे घरवालों की तो छोड़ो अपनी जान तक की फिक्र नहीं है, किस कदर वह अपनी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है. युवा इस कदर नशे के आदि हो गए है कि चोरी-चकारी और खून तक करने से नहीं हिचक रहें.

ऐसा ही मामला हल्द्वानी का है जहां भोटियापड़ाव पुलिस ने गुरुनानक पुरा में रहने वाले स्मैक तस्कर को पकड़ा है। उसके पास से 80 पुड़िया में रखी कुल 3.500 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। आरोपी की नैनीताल रोड पर नगर निगम के सामने मोबाइल शॉप है। उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा पंजीकृत करने के बाद न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।

सीओ डीसी ढौंडियाल ने बताया कि एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी के निर्देश पर जनवरी से पुलिस लगातार मादक पदार्थो की तस्करी करने वालों की धरपकड़ कर रही है। भोटियापड़ाव चौकी पुलिस को गुरुनानक पुरा में रहने वाले वत्सल बिष्ट के स्मैक बेचने की शिकायत मिली। इस पर चौकी प्रभारी नंदन सिंह रावत व उपनिरीक्षक भगवान गिरी गोस्वामी के नेतृत्व में टीम ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

बीती देर रात बहेड़ी से स्मैक खरीदकर लौट रहे वत्सल को पुलिस ने दबोच लिया। उसके पास से स्मैक बरामद होने पर 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

नशे की लत ने बना दिया तस्कर

सीओ ने बताया कि वत्सल खुद स्मैक का लती है। वह रोज 10 पुड़िया स्मैक पीता है। लती होने के कारण उसकी मां मोबाइल शॉप पर बैठती है। स्मैक पीने के लिए रुपयों की जरूरत ने उसे इस गोरखधंधे में धकेल दिया। वह बहेड़ी से 21 सौ रुपये की एक ग्राम के हिसाब से स्मैक खरीदकर लाता है और उसकी 17 से 20 पुड़िया बनाकर 250 से 300 रुपये पुड़िया के हिसाब से अन्य नशेड़ियों को बेचता है। इससे होने वाले मुनाफे की स्मैक वह खुद पीता है।

दो बार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा चुकी है मां

वत्सल की नशे की लत से उसकी मां काफी परेशान रहती है। दो बार मां ने वत्सल को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराकर उपचार कराया। वहां से आने के बाद भी वत्सल की स्मैक पीने की लत नहीं छूटी। वत्सल को लत इस हद तक बढ़ चुकी है कि यदि उसे स्मैक नहीं मिले तो तबियत बिगड़ जाती है।

 

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