आसाराम के लिए मंदिर में की गई पूजा लेकिन इंसाफ के मंदिर में मिली सजा, हुई उम्रकैद

दिल्ली- आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिए गए आसाराम को उम्रकैद की सजा दी गयी है साथ ही अन्य दो आरोपी शरतचंद्र और शिल्पी को 20-20 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। जोधपुर कोर्ट में आज इस मामले में आसाराम समेत 3 लोगों को दोषी करार दिया गया और दो आरोपियों को सबूतों के अभाव के कारण बरी कर दिया गया। जस्टिस मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर जेल में अपना यह फैसला सुनाया। बहस के दौरान वकीलों ने आसाराम की अधिक उम्र का हवाला देने हुए उनके लिए कम सजा मांग की थी।

आसाराम के लिए की गई मंदिर में पूजा

एक तरफ जहां इंसाफ के मंदिर में आसाराम को उसकी करणी और पापों की सजा मिली तो वहीं उसके भक्त मंदिर में जाकर आसाराम के लिए पाठ-पूजा करते दिखे ताकि आसाराम को कड़ी सजा न मिले. वहीं आसाराम की तरफ से कल जमानत के लिए अर्जी देंगे.

रो पड़ा आसाराम

वहीं फैसले से पहले आसाराम कोर्ट में राम-राम जप रहा था. जैसे ही आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी तो आसाराम जज के सामने रोने लगा. उसकी आंखों में आंसू आ गए. औऱ सिर पकड़कर कोर्ट में बैठ गया.

आसाराम को दोषी ठहराया गया है, हमें न्याय मिला है- पीड़िता के पिता

वहीं फैसला आने के बाद पीड़िता के पिता ने कहा कि आसाराम को दोषी ठहराया गया है, हमें न्याय मिला है। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस लड़ाई में हमारा समर्थन किया। अब मुझे आशा है कि उसे सख्त सजा मिलेगी। मुझे उम्मीद है कि जिन गवाहों कि हत्या या अपहरण किया गया था, उन्हे भी न्याय मिला।

अहम गवाह महेंद्र ने बताया जान का खतरा, मांगी सुरक्षा

आसाराम व उसके पुत्र नारायण साईं के खिलाफ चल रहे केसों में अहम गवाह पानीपत के गांव सनौली निवासी महेंद्र चावला ने अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। आसाराम को दोषी ठहराए जाने से पहले उन्होंने कहा कि मैं न्यायपालिका पर भरोसा करता हूं और मुझे विश्वास है कि आसाराम को दोषी ठहराया जाएगा। मैं न्यायपालिका से अनुरोध करता हूं कि ऐसे दुष्कर्मियों को फांसी दी जानी चाहिए। हालांकि मेरे पास सुरक्षा है लेकिन मैं अतिरिक्त सुरक्षा के लिए केंद्र से अनुरोध करता हूं। अन्य गवाहों की तरह मेरा जीवन लगातार खतरे में है।

आसाराम पर पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं

आसाराम पर पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को गिरफ्तार किया था और तब से वह जोधपुर जेल में बंद है। आसाराम को दस साल तक की सजा हो सकती है।

इंदौर में हुई थी गिरफ्तारी

आसाराम ने धमकाया था, इसलिए पीड़िता ने दिल्ली जाकर 20 अगस्त, 2013 को कमला नगर पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी। वहां से केस जोधपुर रेफर किया गया था। जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में है।

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