यूं ही नहीं कहते उत्तराखंड की महिलाओं को बहादुर, भिड़ गई तेंदुए से

Leop_Billyटिहरी:  देवप्रयाग चाका मार्ग स्थित मुनेठ गांव में पड़ोसी की बकरी छुड़ाने के लिए महिला तेंदुए से भिड़ गई। प्राथमिक विद्यालय मुनेठ में भोजन माता का काम करने वाली शैला देवी गुलदार पर तबतक लठ्ठा बरसाती रही जब तक उसने बकरी को छोड़ नही दिया।

आंगन में बंधी बकरी पर झपट पड़ा तेंदुए

देवप्रयाग से 5 किमी दूर चाका मार्ग स्थित मुनेठ गांव में शनिवार देर शाम अचानक गुलदार आ धमका। गुलदार यहां गबर सिंह के आंगन में बंधी बकरी पर झपट पड़ा। बकरी की आवाज सुनकर गबर सिंह की पत्नी सोना देवी कमरे से बाहर निकाली और शोर मचाना शुरू कर दिया।

शैला देवी ने दिखाया साहस

इस पर पड़ोस में रहने वाली भोजन माता शैला देवी ने हिम्मत जुटाते लठ्ठ गुलदार पर बरसाने शुरू कर दिए। बकरी को दबोचे गुलदार गुर्राते हुए उसकी तरफ भी बढ़ा, लेकिन शैला देवी ने साहस न छोड़ा। गुलदार ने लगातार बरसते लठ्ठ के प्रहार पर आखिर बकरी को छोड़ दिया और वहां से भाग निकला।

 सरकार से उसे पुरस्कृत करने की मांग की

इस बीच शोर सुनकर ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। शैला देवी के साहस को देख हर कोई उसकी प्रशंसा में जुट गया। ग्राम प्रधान मुनेठ राजेन्द्र सिंह ने भोजन माता शैला देवी के साहस पर सरकार से उसे पुरस्कृत करने की मांग की है। ग्राम प्रधान के अनुसार उन्होंने वन विभाग रेंजर से संपर्क कर मुनेठ गांव को गुलदार से पूरी सुरक्षा दिए जाने को कहा है।

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