खनन पर कोटद्वार पुलिस का पहरा, विरोध करने गई महिलाओं को खदेड़ा

कोटद्वार के काशीरामपुर क्षेत्र स्थित खोह नदी में हो रहे खनन को रोकने के लिए जा रही महिलाओं समेत अन्य ग्रामीणों को पुलिस ने खदेड़ दिया। इस दौरान पुलिस की महिलाओं से काफी नोकझोंक भी हुई।

दरअसल खोह नदी में मानकों के विपरीत हो रहे खनन के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे राजेश नौटियाल को समर्थन देने पहुंची महिलाओं ने जैसे ही नदी की ओर जाने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान वहां तनातनी का माहौल बना रहा। इसके बाद ग्रामीणों ने सीएम और स्थानीय विधायक का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन की शह पर भारी भरकम जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से खननकारी भारी मात्रा में रेत, बजरी तथा पत्थरों की दूसरे प्रदेशों में सप्लाई कर रहे हैं। खनन करने वाले नियमों को ताक पर रखकर नदियों के तटों को भी खोद रहे हैं, जिससे किसानों को खेतों के कटाव होने का खतरा बढ़ गया है।

ग्रमीणों ने लगाया शासन-प्रशासन पर आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शासन-प्रशासन की मिलीभगत से रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर भारी मात्रा में रेत, बजरी और पत्थर को ट्रकों के माध्यम से प्रदेश से बाहर बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खननकारियों ने खोह नदी में जेसीबी और पोकलैंड मशीन लगा रखी है और 20-25 फीट गहराई तक खनन किया जा रहा है। खोह नदी में बेतरतीब हो रहे खनन कार्य से स्थानीय ग्रामीणों के लिए बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांति, प्रवीण, बसंती देवी, कुलदीप रावत, शैला, प्रकाश, कमला देवी, सुशीला, पिंकी, अनुसूया, वीरा देवी, कमल आदि शामिल रहे।

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