यूं ही नहीं कहते उत्तराखंड की महिलाओं को बहादुर, पढ़ेंगे तो आप भी करेंगे सलाम

बागेश्वर:  उत्तराखंड की महिलाओं के बहादुरी के किस्से त आपने खूब सुने होंगे. कितनी साहसी औऱ मेहनती होती हैं उत्तराखंड की महिलाएं. एक बार फिर एक गांव की महिला ने वो बहादुरी के किस्से याद दिला दिए. और खुद बहादुरी की मिशाल पेश की.

वृद्ध महिला तेंदुए से भिड़ी

दरअसल गोशाले में बंधे जानवरों को बचाने के लिए एक वृद्ध महिला अपनी जान की परवाह न करते हुए तेंदुए से भिड़ गई। महिला की बहादुरी के चलते तेंदुआ घायल जानवर को छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

तेंदुए ने किया बछड़े पर हमला

जिले के गांव पगना के तोक टम्टृयूड़ा निवासी गाउली देवी पत्नी जोगाराम के गोशाले में अचानक तेंदुआ घुस गया। इस दौरान उसने गाय के बछड़े पर हमला कर दिया। जानवरों की आवाज सुनकर घर में मौजूद वृद्ध महिला दौड़कर वहां पहुंची। इस दौरान तेंदुआ बछड़े को मारने की कोशिश कर रहा था। महिला ने बहादुरी दिखाते हुए डंडे से तेंदुए पर वार किया। जिससे तेंदुआ बछड़े को छोड़कर महिला के ऊपर झपटा।

महिला ने बचाव करने की कोशिश की तो मौके पर ही रपट गई। लेकिन इस दौरान महिला की आवाज सुनकर आस-पास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देखकर तेंदुआ वहां से भाग गया। लेकिन इस हमले में गाय का बछड़ा और महिला दोनों घायल हो गए।

तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों ने पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। वहीं वृद्धा गाउली देवी ने पशु चिकित्साधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बछड़े का इलाज करवाने की मांग की है। महिला का कहना है कि वह अनुसूचित वर्ग से हैं। आíथक स्थिति खराब होने के कारण इलाज कराने में असमर्थ है।

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