राज्यपाल ने छात्रों को दिया ‘थ्री पी’ का मंत्र, IQ के साथ EQ बढ़ाना भी जरूरी

राज्यपाल डा. कृष्ण कान्त पाल ने गुरूवार को राजभवन में उत्तराखण्ड बोर्ड की 10 वी और 12 वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को ’गवर्नर्स अवार्ड’ 2018 से पुरस्कृत किया। राज्यपाल ने विद्यालयी शिक्षा में हाईस्कूल तथा इण्टरमीडिएट और संस्कृत शिक्षा में पूर्व मध्यमा एवं उत्तर मध्यमा में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पाने वाले कुल 34 विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप क्रमशः सात हजार, पांच हजार तथा तीन हजार रूपये की धनराशि प्रदान की। इसके साथ ही उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम पर आधारित पुस्तक भी भेंट की।
 प्रदेश में परीक्षा परिणामों में सबसे अधिक सफलता प्रतिशत अर्जित करने वाले प्रथम तीन राजकीय विद्यालयों को भी लाईब्रेरी विकास के लिए राज्यपाल ने क्रमशः पचास हजार, तीस हजार एवं बीस हजार रू0 की पुरस्कार राशि प्रदान की। पुरस्कार पाने वालों में प्रथम स्थान पर राजकीय इण्टर कालेज रतिरकेती, बागेश्वर, द्वितीय स्थान पर राजकीय बालिका इण्टर कालेज, पैदुल पौडी गढ़वाल तथा तृतीय स्थान पर राजकीय बालिका इण्टर कालेज श्रीनगर पौडी गढ़वाल शामिल हैं।
पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए राज्यपाल डाॅ0 कृष्ण कांत पाल ने कहा कि आई.क्यू के साथ-साथ ई.क्यू (इमोशनल कोशेंट) अर्थात भावनात्मक लब्धि भी कैरियर निर्माण के लिए आवश्यक है। ई.क्यू के धनी व्यक्तियों का मनोबल सदैव ऊँचा रहता है तथा वह समाजिक परिवेश के प्रति जागरूक रहते हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को ‘थ्री पी’ मंत्र दिया, पैशन, पेशेन्स तथा पर्सिसटेन्स अर्थात लगन, धैर्य और अनथक प्रयास। उन्होंने कहा कि स्कूल की पढाई के साथ-साथ अच्छी किताबें पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। स्कूलों में लाइब्रेरी का विकास प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि उत्तीर्ण प्रतिशत बढाने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता बढाने के लगातार प्रयास जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों के प्रति रूचि विकसित करने के उद्देश्य से जिला एवं राज्य स्तर पर क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने विगत वर्षों से हाईस्कूल और इण्टर की परिक्षा परिणामों में हुए सुधार पर शिक्षा विभाग को बधाई देते हुए अच्छे प्रयास जारी रखने को कहा।
शिक्षा मंत्री श्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि सरकार विद्यालयी शिक्षा का स्तर ऊपर उठाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उत्कृष्ठ शैक्षिक पाठ्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए एन.सी.ई.आर.टी की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। उन्होंने कहा कि गवर्नर्स अवार्ड के कारण भी स्कूलों और विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा की भावना आई है जिससे उनके स्तर में भी सुधार हुआ है।
कार्यक्रम में सचिव विद्यालयी शिक्षा डाॅ0 भूपेन्द्र कौर औलख एवं महानिदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और अभिभावक भी उपस्थित थे।

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