बेहद शर्मनाक : 56 KM का पैदल सफर तय कर 3 दिन बाद प्रसव पीड़िता को लेकर अस्पताल पहुंचे लोग

बागेश्वर: सरकार भले ही विकास औऱ स्वास्थ्य सुविधाओं के लाख दावा करे लेकिन जमीनी हकीकत सब बयां कर रही है. वहीं सरकार और स्वास्थ विभाग के लिए लोगों का गुस्सा तब ज्यादा बढ़ जाता है जब लोग कुंवारी क्षेत्र की रहने वाली गर्भवती महिला अनीता के साथ हुई जैसी घटनाओं को देखते औऱ सुनते हैं. और उससे भी ज्यादा राज्य के लिए शर्म की बात तब हो जाती है जब राज्य की मुख्यमंत्री के पास खुद स्वास्थय विभाग हो.

56 किमी दूर पैदल सफर कर पहुंचे अस्पताल

आप यकीन नहीं करेंगे दुर्गम और आपदा प्रभावित क्षेत्र में प्रसव पीड़ा से कराह रही अनीता को गांव वाले डोली में 56 किमी दूर पैदल सफर कर अस्पताल ले गए और वो तीन दिन बाद अस्पताल पहुंचे। 27 जुलाई को थराली में अनीता को अत्यधिक प्रसव पीड़ा होने लगी। उन्होंने पीएचसी थराली में ही महिला को भर्ती कराया। जहां सुरक्षित तरीके से उसने बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं और चिकित्सकों की देख रेख में हैं।।

कुंवारी के प्रधान किशन दानू ने बताया अनीता (25) पत्नी मनोज को 24 जुलाई को प्रसव पीड़ा हुई। जिला मुख्यालय आने वाले सभी रास्ते बंद थे। उनके पास चमोली जिले का एक मात्र पैदल रास्ता खुला था। गांव वालों ने इसी रास्ते से जाने का निर्णय लिया.

कुंवारी क्षेत्र के लोगों ने बागेश्वर की जिलाधिकारी रंजना राजगुरु को सुनाई अफनी आपबीती 

सांसद भगत सिंह कोश्यारी कुंवारी क्षेत्र के लोगों ने बागेश्वर की जिलाधिकारी रंजना राजगुरु से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई। दुर्गम क्षेत्रों के हालात और वहां की पीड़ा के बारे में बताया। जिलाधिकारी रंजना ने सीएमओ जेसी मंडल को जल्द ही इन गर्भवती महिलाओं को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए। टीके, दवाई आदि के लिए मौके पर आशा व स्वास्थ्य कार्यकर्ता को मौके पर भेजने को कहा।

लेकिन गांव वालों को है गांव और पशुओं से प्यार

एक ओऱ लोग पलायन कर रहे हैं और सरकार की कवायद में है कि इसे रोका जा सके लेकिन जो लोग खुद गांव में रहने को तैयार है उनका पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. आपको बता दें कुंवारी गांव में करीब 76 प्रभावितों के कुछ परिजन रह रहे हैं। इनके पास अन्य जगहों पर रहने के लिए कोई व्यवस्था नही हैं। यह लोग खतरे में जैसे-तैसे दिन काट रहे हैं। ग्राम प्रधान किशन दानू ने कहा कि कुंवारी गांव में खतरा बना हुआ है।  अपने मवेशी, खेती आदि को देखते हुए लोग गांव में ही रहने को मजबूर हैं।

जिलाधिकारी की कहना पुर्नवास के लिए जगह का चयन कर लिया गया है

बागेश्वर जिलाधिकारी रंजना राजगुरु का कहना है कि कुंवारी के आपदा प्रभावितों के पुर्नवास के लिए जगह का चयन कर लिया गया हैं। भू वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आने के बाद जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।

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