शौचालय में डिलीवरी से भड़के DM दीपक रावत, अस्पताल प्रशासन को लगाई फटकार कहा दोषी को बख्शा नहीं जाएगा!

हरिद्वार-  महिला अस्पताल में चिकित्सक व स्टाफ की लापरवाही से जांच के लिए हरमिलाप जिला अस्पताल में भेजी गई प्रसव पीड़ा से कराहती प्रसूता ने अस्पताल के शौचालय में ही बच्चे को जन्म दे दिया।
खलबली मचने पर  महिला अस्पताल की डॉक्टर  और स्टाफ उसे लेकर महिला अस्पताल ने उसे वार्ड में भर्ती किया और जच्चा बच्चा के इलाज में जुट गईं।
जबकि खबर लगते ही जिलाधिकारी दीपक रावत खुद महिला अस्पताल में पहुंचे। जिस वार्ड में महिला भर्ती थी वहां पहुंच कर उन्होने प्रसूता महिला, उसकी आशा और उसके पति तेजपाल से पूछताछ की।
यह जानकारी पुष्ट होने पर कि प्रसव शौचालय में हुआ। डीएम बेहद संवदेनशील हो गए। उन्होनें इसे घोर लापरवाही मानते हुए गैरजिम्मेदाराना रवैया माना  और अस्पताल के डॉक्टर समेत स्टाफ को जमकर फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने कहा अस्पतालों का ऐसा बर्ताव सहन नहीं किया जाएगा। वही उन्होने सीएमएस से स्पष्टीकरण देने और अपने स्टाफ का खुद स्पष्टीकरण लेकर एक्शन लेने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी दीपक रावत का कहना है मामला अति संवेदनशील है। दर्द से कराहती महिला को जांच के नाम पर बेफजूल दौड़ाने की बात प्रथम दृष्टया उनकी पूछताछ में सामने आई है। उन्होने कहा कि अगर ब्लड टेस्ट कराना इतना ही जरूरी था तो उसको भर्ती कर सैंपल जांच के लिए भेजा जा सकता था। जिलाधिकारी ने कहा कि वो तो शुक्र है कि जच्चा बच्चा के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई। कहा सीएमएस से प्रकरण में जवाब मांगा है। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।
गौरतलब है कि बीते रोज दिन के वक्त 11 बजे के करीब गुरुकुल कांगड़ी के समीप की रहने वाली आशा पत्नी तेजपाल को प्रसव पीड़ा होने लगी। मोहल्ले की आशाकर्मी आशा उनको लेकर महिला अस्पताल पहुंची। आशा कर्मी आशा व उसके पति तेजपाल का आरोप है कि उन्होने सीएमएस को दिखाया। इस पर उन्होने उन्हें वार्ड में जाकर जांच कराने को ऊपरी मंजिल पर भेजा।
आशा व तेजपाल ने आरोप लगाया कि प्रसूता भर्ती वार्ड में पहुंचने पर नर्स ने ठीक से नहीं देखा। बाद में प्रशिक्षु डॉक्टर ने देखकर अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। दर्द से कराहती प्रसूता को लेकर वे अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे। सोनोग्राफी में चंद समय में बच्चा पैदा होने की जानकारी मिलने पर वे दोबारा वार्ड में पहुंची।
आरोप है कि स्टाफ नर्स ने फिर ब्लड टेस्ट कराने को हरमिलाप जिला अस्पताल भेज दिया। इस बीच महिला की प्रसव वेदना बढ़ गई और वह शौचालय चली गई जहां जाते ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। जैसे ही खबर अस्पताल प्रशासन तक पहुंची आनन फानन में महिला को वार्ड में शिफ्ट किया गया।

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