देहरादून- अब हर महीने की 21 तारीख को होगा विधानसभा परिसर में योग

देहरादून- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा परिसर में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान प्रेमचंद अग्रवाल ने घोषणा की प्रत्येक माह की 21 तारीख़ को विधानसभा परिसर में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से करवाया जाएगा।

प्रत्येक माह की 21 तारीख़ को विधान सभा परिसर में योग

विधानसभा परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम के दौरान अविरल योग पीठ, ऋषिकेश के योग प्रशिक्षकों ने योग का प्रशिक्षण दिया साथ ही योगासनों से भी परिचित कराया। इस मौके पर अग्रवाल सहित विधान सभा के समस्त स्टाफ ने पूरी आत्मियता से योग का अभ्यास किया। इस बीच प्रेमचंद अग्रवाल ने विधान सभा के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विचार विमर्श के बाद प्रत्येक माह की 21 तारीख़ को विधान सभा परिसर में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन की बात कही।

देव भूमि के लिए मील का पत्थर साबित होगा पीएम मोदी का दून में योग

इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि हम सब उत्तराखण्ड वासियों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि इस वर्ष योग दिवस देश के प्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देवभूमि की राजधानी देहरादून के एफआरआई परिसर में मनाया। जो हमारी देव भूमि के लिए मील का पत्थर साबित होगा। हम सभी को पीएम मोदी के प्रति कृतज्ञता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधान सभा परिसर में विगत वर्ष भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इसी स्थान पर हमने योग दिवस में अपनी भूमिका अदा की थी, जिसके सकारात्मक परिणाम भी हम सबने महसूस किये होंगे।

योग हमारे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिये लाभदायक

विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि योग हमारे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है। योग के माध्यम से आत्मिक संतुष्टि, शांति और ऊर्जावान चेतना की अनुभूति प्राप्त होती है, जिससे हमारा जीवन तनाव मुक्त तथा हर दिन सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढता है। उन्होंने कहा कि योग हमारी भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम पहचान है। संसार की प्रथम पुस्तक ऋग्वेद में कई स्थानों पर योग की क्रियाओं के विषय में उल्लेख मिलता है।

योग शब्द के दो अर्थ हैं, पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि-विधानसभा अध्यक्ष

विधान सभा अध्यक्ष ने सम्बोधित करते हुए कहा कि योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि।योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे एक सीधा विज्ञान है जीवन जीने की एक कला है योग। उन्होंने  कहा कि गीता में लिखा है ,“योग स्वयं की स्वयं के माध्यम से स्वयं तक पहुँचने की यात्रा है।“

इस अवसर पर विधान सभा सचिव जगदीश चन्द ने कहा कि जीवन में सफलता की ओर परचम लहराने के लिये तन, मन और आत्मा का स्वस्थ होना अति आवश्यक है और ये मार्ग और भी सुगम हो सकता है, यदि हम योग को अपने जीवन का हिस्सा बना लें।

कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक के तौर पर कुमारी अनिका, कुलदीप अन्थवाल, परवीन प्रसाद, सच्चिदानंद, शिवानी, शालिनी जोशी,मनीषा भट्ट, अनुप्रताप राठी, अनुज राणाकोटि एवं सुनील ने सभी लोगों को योगा अभ्यास कराया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने अविरल योगपीठ के 10 योग प्रशिक्षकों को विधानसभा अध्यक्ष राहत कोष से प्रत्येक को दो-दो हज़ार रुपये देने की घोषणा भी की।

योग कार्यक्रम में विधानसभा सचिव जगदीश चंद, ऋषिकेश की महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनिता मंमगाई ,वरिष्ठ शोध अधिकारी मुकेश सिंघल,वरिष्ठ निजी सचिव अजय अग्रवाल, उपसचिव मदन राम, सुरक्षा अधिकारी प्रदीप गुणवंत, विशेष कार्याधिकारी ताजेंद्र नेगी ,व्यवस्था अधिकारी दीपचंद ,उप सूचना अधिकारी भरत सिंह चौहान सहित विधानसभा के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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