कांग्रेस ने राफेल डील को बताया सबसे बड़ा घोटाला, PM मोदी पर वार, एक साथ 31 प्रेसवार्ता

देहरादून- राफेल लडाकू विमान सौदे में हुए महा घोटाले के उजागर होने पर घोटाले की जानकारी को जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी ने 12 अगस्त, 2018 को प्रदेशभर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पत्रकार वार्ता के माध्यम से लडाकू विमान सौदे में हुए महाघोटाले को उजागर किया औऱ पीएम मोदी पर हमला किया.

वहीं सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कांग्रेस पार्टी औऱ अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि राफेल डील मामले को लेकर राहुल गांधी संसद में बेनकाब हो चुके हैं. सीएम का कहना है कि वह दावे के साथ कह सकते हैं कि पीएम मोदी ने जो भी सौदा किया होगा उसमे किसी तरह का नुकसान देश को नहीं हुआ.

प्रीतम सिंह, किशोर उपाध्याय, इंदिरा हृदयेश सहित 39 मैदान में:-

1) प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह देहरादून,

2) नेता प्रतिपक्ष डाॅ0 इन्दिरा हृदयेश हल्द्वानी,

3) पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय विकासनगर,

4) जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह एवं प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत ऋषिकेश.

5) पूर्व मंत्री नवप्रभात मसूरी.

6) पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी हरिद्वार.

7) पूर्व मंत्री हीरा सिहं बिष्ट, रूड़की.

8) प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना एवं पीसीसी सदस्य राजेश चमोली कोटद्वार.

9) मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेन्द्र शाह पौड़ी.

10) पूर्व अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग योगेन्द्र खण्डूरी श्रीनगर.

11) पूर्व विधायक डाॅ0 जीतराम रूद्रप्रयाग.

12) पूर्व विधायक अनुसूया प्रसाद मैखुरी कर्णप्रयाग.

13) पूर्व मंत्री राजेन्द्र भण्डारी गोपेश्वर

14) पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी नई टिहरी.

15) पूर्व विधायक राजकुमार एवं प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी नरेन्द्रनगर.

16) विधायक राजकुमार, बड़कोट.

17) पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, उत्तरकाशी.

18) पूर्व सांसद के.सी. सिंह बाबा एवं विधायक आदेश चैहान, काशीपुर.

19) पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड, रूद्रपुर.

20) पूर्व अध्यक्ष युवा कांग्रेस भुवन कापड़ी, खटीमा.

21) पूर्व सांसद महेन्द्र सिह पाल एवं पूर्व विधायक सरिता आर्या, नैनीताल.

22) पूर्व विधायक रणजीत रावत, रामनगर.

23) पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल एवं पूर्व विधायक मनोज तिवारी, अल्मोड़ा.

24) जिलाध्यक्ष महेश आर्य, रानीखेत.

25) पूर्व विधायक मयूख महर, पिथौरागढ़.

26) विधायक हरीश धामी, डीडीहाट.

27) पूर्व सांसद महेन्द्र सिह महरा, चम्पावत.

28) पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, टनकपुर.

29) जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी, लोहाघाट.

30) जिलाध्यक्ष उत्तम देव, चम्पावत.

31) पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी एवं बालकृष्ण आर्य, बागेश्वर,

उपरोक्त जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि राफेल डील में हुए महा घोटाले के विरोध में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिह के निर्देश पर दिनांक 17 अगस्त, 2018 को प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों में कांग्रेसजनों द्वारा धरना-प्रदर्शनों का आयोजन किया गया जाएगा तथा इन धरना-प्रदर्शनों के माध्यम से भाजपा सरकार द्वारा अंजाम दिये गये इस महाघोटाले से जनता को अवगत कराया जायेगा।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने फ्रांस से राफेल डील 526.10 करोड़ के दाम से की थी

कांग्रेस के सवाल

बतातें चलें कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने फ्रांस से राफेल डील 526.10 करोड़ की डील की थी। यानि की 36 लड़ाकू विमान की कीमत 18,940 करोड़ रुपये आती है. जबकि मोदी सरकार ने राफेल लड़ाकू जहाज 1670.70 करोड़ प्रति जहाज यानि 36 लड़ाकू जहाजों के लिए 60,145 करोड़ रुपये में खरीदे. कांग्रेस का कहना है कि क्या भाजपा के पास इस बात का जवाब है कि सरकारी खजाने से 41,205 करोड़ रुपये ज्यादा क्यों दिेए गए?

2. 36000 करोड़ रुपये का ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट सरकारी कम्पनी एच.ए.एल से छीनकर रक्षा उत्पादन में शून्य अनुभव वाली एक प्राइवेट कम्पनी कोक्यों दे दिया गया ?

3. ऱक्षा खरीद प्रक्रिया को ताक पर रखकर भारत को ट्रांसफर ऑफ टेक्नॉलोजी से भी वंछित कर दिया गया. इससे रक्षा सौदे से भारता को 41,205 करोड़ का नुकसान हुआ.

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