शिक्षा विभाग के बाद पंचायतीराज विभाग में अरविंद पांडेय का खौफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ SIT जांच

देहरादून-शिक्षा विभाग में जिस तरह फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों में एसआईटी जांच का खौफ है…ठीक उसी तरह पंचायती राज विभाग में भ्रष्टाचार को अंजाम देने वालों में भी अब एसआईटी जांच खौफ पैदा हो गया है। त्रिवेंद्र सरकार में अपने कड़े नियमों को अपने विभागों में लागू कराने और अपने विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्ती से पेश आने वाले कैबिनेट मंत्री अरविंद पाण्डेय ने एक और ऐसा कदम उठाया दिया है, अगर उसकी जांच वास्तव में गहराई से की गई तो निश्चित तौर उत्तराखंड में इस को लेकर भूचाल आ जाएगा। जी पंचायतों को मिलने वाले बजट को ठिकाने लगाकर भ्रष्टाचार को अंजाम देने वालों के खिलाफ पंचायतीराज मंत्री अरविंद पाण्डेय ने एसआईटी जांच के निर्देश दे दिए है।

समीक्षा बैठक में दिखाए कड़े तेवर

सचिवालय में आज कैबिनेट बैठक के बाद पंचायतीराज मंत्री अरविंद पाण्डेय ने पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक ली,जिसमें समीक्षा करते विभाग में कई तरह के घोटालों का पर्दाफाश अरविंद पाण्डेय खुद ही कर गए। बैठक जैसे आगे आगे बढ़ी मंत्री के सामने घोटालों को अंजाम देने के मामले बढ़ते गए। बड़े स्तर पर घोटाले होनेे की आंशका को अरविंद पाण्डेय भांप गए और उन्होने पंचायतीराज विभगा में हुए सभी घोटालों की जांच एसआईटी से कराने के निर्देश दे दिए।

पंचायतीराज विभाग में भ्रष्टाचार की जड़े हो चुकी है मजबूत

पंचायतीराज विभाग में भ्रष्टाचार की जड़े इतनी मजबूत हो चुकी है कि उन्हे उखाड़ फेंकना बहुत मुश्किल है,क्योंकि बिना भ्रष्टाचार के विभाग में किसी काम को अंजाम दिया जाता ही नहीं है,जो मामले भ्रष्टाचार के निकल कर सामने आएं हैं उसे ये इस बात को बल मिलता है,कि पंचायतीराज विभाग भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुका है।

आपदा किट में घोटाला

पंचायतों में आपदा से निपटने के लिए खरीदी गई आपदा किट में भी बड़ा घोटाला उजागर हुआ है जो आपदा किट मार्केट में 10 हजार से कम तक आ जाती है वहीं किट 20 हजार रूपये से ज्यादा की पंचायतों के लिए खरीदी गई है और उत्तरकाशी जिले में इसका फर्दफाश भी हो चुका है।

यात्री प्रतिक्षालय में भी घोटाला

पंचायतों में यात्री की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले यात्री प्रतीक्षालय में भी घोटाले की बू पंचायातीराज मंत्री अरविंद पाण्डेय को आई है. यात्रि प्रतीक्षालय जो टीनशेड के करीब 15 हजार रूपये में तैयार हो जाते हैं वह विभाग ने 30 से 40 हजार रूपये में बनाएं हैं।

सोलर लाईट में भी घोटाला

पंचायतों को जगमग करने के लिए सरकार के द्धारा सोलर लाईटें दी जाती हैं लेकिन घोटालेबाजों ने घोटाले को अंजाम देने के लिए भी इसमें आम जनता और सरकार को अंधकार में रखा गया है। जो सोलर लाईटे मार्केट में 10 से 15 हजार में खरीदी जा सकती है उसे विभाग ने 20 हजार से ज्यादा में खरीदी है।

अधिकारियों की हो सकती है मिलीभगत

पंचायतीराज मंत्री अरविंद पाण्डेय ने जिस जरह से एसआईटी जांच करने के निर्देश सभी घोटालों को लेकर दिए है,उसे उनकी नजर उन अधिकारियों पर भी है जिनकी शय में ये घोटाले हुए हैं. यहीं वजह है कि अरविंद पाण्डेय का कहना कि घोटाले में काई भी दोषी हो बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह छोटा हो या बडा या तक कि अब चर्चाएं इस बात की है कि अगर मामले में एसआईटी जांच हुई तो शासन स्तर के अधिकारी भी इसमें नप सकते हैे और इसके संकेत उन्होंने दे दिए हैे।

एसआईटी पर पाण्डेय का भरोसा

शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों की जांख् एसआईटी से कराने और कई शिक्षकों पर अब तक शिंकजा कसे जाने से अरविंद पाण्डेय का का भरोषा एसआईटी पर बढ़ गया है,यह वजह है कि पंचायतीराज विभाग में हुए घोटाले की जांच उन्होने एसआईटी से कराने की निर्णय ले लिया है।

ऐसे में देखना ये होगा कि क्या फर्जी शिक्षकों की तरह पंचायतीराज विभाग में घोटाले बाजों को अरविंद पाण्डेय बेनकाब करेंगे।

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