आपदा के बाद चारधाम में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दिल खोलकर दिया दान…जानिए आंकड़ें

देहरादून: आपदा के चार वर्ष बाद चारधाम में जुटे रिकॉर्ड श्रद्धालुओं ने मंदिरों में भी खूब धन वर्षा की है। इस वर्ष चार माह के भीतर चारों धाम की आय करीब 21 करोड़ पार कर गई। पिछले पांच सालों में यह आय सबसे ज्यादा आंकी गई है। अभी धामों के कपाट बंद होने में डेढ़ माह का वक्त है। ऐसे में आय का आंकड़ा 30 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।

28 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा ने मई में रफ्तार पकड़ी। मौसम ने साथ दिया और धामों में हर माह तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। 2013 की आपदा के बाद यहां श्रद्धालुओं की उपस्थिति के अलावा आय भी बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। मंदिर समितियों के लिए रख-रखाव और पूजा-पाठ के खर्चे निकालना भी मुश्किल हो गया था।

मगर इस बार चारों धाम में जुटी भीड़ ने न केवल धामों की रौनक लौटाई, बल्कि आय के भंडार भी भर दिए। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में इस वर्ष विभिन्न स्रोतों से करीब 21 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि पहुंची है। आय बढ़ने से मंदिर समितियों के पदाधिकारियों के चेहरे खिले हुए हैं।

आय बढ़ने से मंदिरों के रुके हुए निर्माण कार्य पूरे होने के साथ ही आपदा से प्रभावित हुई मंदिरों की जरूरी सुविधाओं में सुधार की उम्मीदें लगाई जा रही हैं। मंदिर समितियां भी श्रद्धालुओं के हितों से जुड़ी योजनाओं पर काम करने की तैयारी में जुट गई हैं।

श्रीबदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफे से धामों की आय में बढ़ोत्तरी हुई है। आपदा के बाद अब जाकर अच्छी आय हुई है। इससे काफी हद तक समिति पूर्व में हुए नुकसान की भरपाई कर सकेगी। अभी डेढ़ माह में आय और बढ़ने की उम्मीद हैं।

श्रद्धालुओं के चढ़ावे से हुई आय

वर्ष——–बदरीनाथ-केदारनाथ——गंगोत्री——यमुनोत्री

2013——-4.54 करोड़———–55 लाख—–30 लाख

2014——-56.42 लाख———-15 लाख——-7 लाख

2015——-2.79 करोड़———–30 लाख——25 लाख

2016——-5.24 करोड़———–75 लाख——35 लाख

2017——20 करोड़—————01 करोड़—–40 लाख

(नोट: आय सभी स्रोतों से मिली नकद और जेवरात से जुड़ी है)

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