सरकार को इनसे कुछ सीखने की जरुरत है, सिर्फ कथनी ही नहीं करने की भी जरुरत है

रुड़की- लकसर के अकबरपुर उद गांव के कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में कार्यक्रम का आय़ोजन किया गया जिसका शुभारंभ उपजिलाधिकारी और उनकी धर्मपत्नी ने किया. इस मौके पर बालिकाओं को मूलभूत सुविधाएं मिली जिससे उनकी खुशी का ठिकाना न रहा

दरअसल लकसर के कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में तीन दर्जन बालिकाएं पढ़ती हैं जिनके पास रहने के लिए आवास तो था लेकिन सोने के लिए बेड नहीं थे. जिसकी जानकारी लकसर उपजिलाधिकारी कोशतुभ मिश्रा को मिली कोशतुभ मिश्रा ने लक्सर की श्री सीमेंट फैक्ट्री और वरूणा ट्रांसपोर्ट को दी. और वार्ता कर बालिकाओं के लिए 25 बेड, 14 टेबल, 50 कुर्सी, 1000 स्कूली बैग-किताबें और कॉपी, एक इनवर्टर दिए साथ ही साढ़े चार लाख रुपये की लागत से दो टोयलेट भी बनवाये.

काश सरकार भी उठाती ऐसे कदम को स्कूल बदहाली के आंसू नहीं रोते

काश सरकार भी राज्य की शिक्षा के बेहतरी औऱ गरीब की बेहतर शिक्षा के लिए ऐसा ही कदम उठाती. काश अगर ऐसा ही कुछ काम सरकार करती तो आज राज्य के स्कूल बदहाली के आंसू नहीं रोते औऱ गरीब के बच्चों को भी अच्छी औऱ बेहतर शिक्षा मिल पाती. काश सरकार सिर्फ कहती नहीं बल्कि कुछ करती भी ऐसे बच्चों के लिए जिनके पास दिमाग है लेकिन अच्छी सुख सुविधाएं नहीं.

इस दौरान बच्चे काफी खुश नज़र आये. इस मौके पर बच्चों ने स्वागत गीत से मुख्य अतिथियों का सवागत किया. इस बाबत लकसर उपजिला धिकारी ने बच्चों को आवश्यकता के लिए दिया गया सामान के लिए श्री सीमेंट और वरूणा ट्रांसपोर्ट का आभार प्रकट किया. औऱ कहा कि हम अपेक्षा करेंगे कि वो समाज में इस तरह के काम करते रहे.

वहीं श्री सीमेंट ओर वरूणा ट्रांसपोर्ट के जी एम ने भी बच्चों की जरूरतों के लिए दियें गये सामान के लिए कहा कि उपजिला धिकारी के द्वारा कहें जाने पर जो सामान दिया गया है उसे हम भेंट कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.

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