आबकारी इंस्पेक्टर को गलत रिपोर्ट पेश करना पड़ा महंगा, 420 का मुकदमा दर्ज

उधमसिंह नगर- काशीपुर में बीते दिनों पुलिस नें गोदाम में छापेमारी कर बिना कागजातों के भारी मात्रा में अवैध रूप से रखी शराब के जखीरे (624 पेटी) को बरामद किया था साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इस मामले में न्यायालय को गुमराह करने के आरोप के आबकारी इंस्पेक्टर पर धेखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया. इसकी जानकारी खुद पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश भट्ट ने दी.

बीती 3 अप्रैल की रात पुलिस ने गोदाम से जब्त की शराब की पेटियां

दरअसल बीती 3 अप्रैल की रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम व एसओजी टीम ने गंगे बाबा रोड पर स्थित रजवाड़ा की अंग्रेजी शराब की दुकान के बराबर गली में बने गोदाम से 624 पेटी अंग्रेजी व देशी शराब बरामद की थी. जिसमें कई ब्रांड की शराब थी. साथ ही मौके दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जबकि इस दौरान दुकान मालिक संदीप चौहान व सुरेन्द्र बिष्ट फरार हो गये थे।

पुलिस ने मामले में आबकारी इंस्पेक्टर महेन्द्र सिंह से भी जानकारी ली तो उन्होंने दुकान में इतना स्टॉक नहीं होने की पुष्टि की थी। लेकिन तीन दिन बाद शराब कारोबारी संदीप चौहान ने जब्त की गयी शराब को वैध बताते हुए अदालत में प्रार्थनापत्र दिया। उसने आबकारी निरीक्षक महेन्द्र सिंह की ओर से दी गयी रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिसमें शराब वैध होने की बात लिखी गयी थी। पुलिस ने इस पर आपत्ति लगाने के साथ अदालत में तथ्य रखे।इस पर अदालत ने आबकारी निरीक्षक की रिपोर्ट खारिज कर दी।

पेश की गई रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां

दबिश के दौरान बरामद शराब वर्ष 2016 की अंग्रेजी शराब भी पायी गयी थी। इस मामले में स्थानीय आबकारी इंस्पेक्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट को रिपोर्ट भेज स्टॉक की जानकारी मांगी गई थी। इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश भट्ट ने बताया कि आबकारी इंस्पेक्टर बिष्ट ने न्यायालय में पेश की गयी उक्त शराब की बावत रिपोर्ट व बरामद शराब को कागजातों में होना दर्शाना हुए तिथियों में भारी गड़बड़ी की गयी थी।

पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश भट्ट ने किया खुलासा

सीओ कार्यालय पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश भट्ट ने खुलासा करते हुए मीडियाकर्मियों को बताया कि आबकारी इंस्पेक्टर बिष्ट ने न्यायालय में गलत रिपोर्ट पेश कर अदालत को गुमराह करने का काम किया. जिसके आरोप में उनके खिलाफ धारा 420 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आबकारी इंस्पेक्टर के खिलाफ धेखाधड़ी की कार्यवाही होने से आबकारी महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।

अवैध शराब को वैध दर्शाते हुए चलानी रिपोर्ट की तिथियों में भारी गड़बड़ी

सूत्रों की मानें तो आबकारी इंस्पेक्टर ने शराब कारोबारियों से हमसाज होकर पकड़ी गई अवैध शराब को वैध दर्शाते हुए चलानी रिपोर्ट की तिथियों में भारी गड़बड़ी की गयी थी। उधर इस मामले में आबकारी इंस्पेक्टर महेन्द्र बिष्ट से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाईल पर सम्पर्क साधा गया तो उन्होंने कई फोन करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं किया.

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